ओला, उबर और रैपिडो की देशभर में हड़ताल, यूनियन ने नितिन गडकरी से हस्तक्षेप की मांग की

नई दिल्ली

ओला, उबर या रैपिडो जैसे कैब, बाइक और ऑटो सर्विस देने वाले एप्स पर काम करने वाले चालकों के यूनियन ने 7 फरवरी 2026 को देश के प्रमुख शहरों में हड़ताल का एलान किया है। इस विरोध प्रदर्शन को 'ऑल इंडिया ब्रेकडाउन' नाम दिया गया है, जिसके चलते यात्रियों को कार और ऑटो बुक करने में खासी मशक्कत करनी पड़ सकती है।

ये भी पढ़ें :  हाई कोर्ट के आदेश अपलोड में देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा ऐक्शन लिया

TGPWU ने किया हड़ताल का नेतृत्व

तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) ने राष्ट्रीय मजदूर संगठनों के साथ मिलकर इस हड़ताल का नेतृत्व किया है। यूनियन का आरोप है कि एग्रीगेटर कंपनियां ड्राइवरों का अंतहीन शोषण कर रही हैं। यूनियन का कहना है कि सरकार द्वारा कोई न्यूनतम किराया (Minimum Fare) तय न होने के कारण कंपनियां अपनी मर्जी से रेट तय करती हैं।

ये भी पढ़ें :  स्वामी चैतन्यानंद पर गंभीर आरोप, लड़कियों ने लगाए शोषण और हिडन कैमरे लगाने के आरोप

साथ ही कंपनियों की मनमानी के कारण ड्राइवरों की आय अनिश्चित हो गई है, जिससे वे गरीबी के जाल में फंस रहे हैं। इसके अलावा रेगुलेशन की कमी के कारण वर्किंग आवर्स और सुरक्षा मानकों को लेकर कोई स्पष्ट नीति नहीं है।

यूनियन ने नितिन गडकरी को लिखा पत्र

यूनियन ने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि लंबे समय से लंबित इन समस्याओं के कारण लाखों ट्रांसपोर्ट वर्कर्स का भविष्य दांव पर लगा है। ड्राइवरों की मांग है कि सरकार एक पारदर्शी रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार करे ताकि एग्रीगेटर कंपनियों के एकाधिकार को खत्म किया जा सके।

ये भी पढ़ें :  महाराष्ट्र : एमएसआरटीसी कर्मचारियों की राज्यव्यापी हड़ताल से यात्री परेशान, 63 डिपो पूरी तरह से बंद

 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment